रायपुर , दिसंबर 26 -- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज द्वारा विगत दो वर्षों में प्रदेश की विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में अति उच्चदाब के 5 नए उपकेंद्र तथा निम्नदाब के 28,715 उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है।

कंपनी द्वारा अति उच्चदाब श्रेणी में 782 सर्किट किलोमीटर लंबी पारेषण लाइनें तथा निम्नदाब श्रेणी में 33,457 सर्किट किलोमीटर वितरण लाइनें स्थापित की गईं। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या में 2 लाख 94 हजार 318 की वृद्धि हुई है, वहीं विद्युतीकृत पंपों की संख्या में 3 लाख 4 हजार 786 का उल्लेखनीय इजाफा दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप विद्युत अधोसंरचना विस्तार के कार्यों को तेज गति से पूर्ण किया गया। इसी क्रम में मुंगेली जिले के धरदेही में 400 केवी क्षमता का प्रदेश का पांचवां अति उच्चदाब उपकेंद्र पूर्ण किया गया। राज्य में 400 केवी उपकेंद्रों की कुल क्षमता 3,150 एमवीए से बढ़कर 4,410 एमवीए हो गई है, जबकि पारेषण लाइनों की लंबाई 1,918 से बढ़कर 1,938 सर्किट किलोमीटर हो गई है।

इसी तरह 220 केवी उपकेंद्रों की संख्या 26 से बढ़कर 27 हो गई है तथा इनकी क्षमता 10,160 एमवीए से बढ़कर 11,280 एमवीए पहुंच गई है। 132 केवी उपकेंद्रों की संख्या 102 से बढ़कर 105 हो गई है, जिनकी कुल क्षमता अब 12,130 एमवीए हो चुकी है।

विद्युत वितरण क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। 33 केवी उपकेंद्रों की संख्या 1,352 से बढ़कर 1,474 हो गई है, वहीं उनकी क्षमता 9,075 एमवीए से बढ़कर 10,295 एमवीए हो गई है। 11 केवी उपकेंद्रों की संख्या 2,23,131 से बढ़कर 2,51,724 हो गई है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।

प्रदेश में निम्नदाब उपभोक्ताओं की संख्या 62 लाख 37 हजार से बढ़कर 65 लाख 31 हजार से अधिक हो गई है, जबकि उच्चदाब उपभोक्ताओं की संख्या 3,719 से बढ़कर 4,193 हो गई है। विद्युतीकृत पंपों की संख्या भी बढ़कर 8 लाख 39 हजार से अधिक हो गई है। इस अवधि में राज्य की अधिकतम विद्युत मांग में 1,605 मेगावॉट की वृद्धि दर्ज की गई है।

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