रायपुर , फरवरी 21 -- छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन होने के साथ ही सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दोनों ने मिलकर प्रदेश में 25 लाख मतदाताओं के नाम कटवाने का षडयंत्र रचा।

श्री बैज ने शनिवार को शनिवार संवाददाताओं से बातचीत करेत हुए कहा कि कांग्रेस की आशंका सच साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिये भाजपा के साथ मिलीभगत कर लाखों मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। बैज ने कहा कि अंतिम सूची के प्रकाशन से साफ हो गया है कि 25 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता शामिल हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में फार्म 7 जमा कर कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जिन बूथों पर कांग्रेस का प्रभाव है, उन्हें विशेष रूप से टारगेट किया गया। बैज ने बताया कि कई मामलों में तो जिन लोगों के नाम पर शिकायत कर नाम काटे गए, उन्हें खुद इसकी जानकारी नहीं थी और उन्होंने कभी कोई शिकायत न करने की बात स्वीकार की है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया की खामियों और बीएलओ की भूमिका को लेकर कई बार शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। बैज ने कहा, "पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की मंशा साफ नहीं है। दुर्भावनापूर्वक 25 लाख वोटरों के नाम काटे गए। मृत्यु या स्थानांतरण के आधार पर नाम हटाना अलग बात है, लेकिन यहां जानबूझकर एक विशेष वर्ग के वोटों को काटा गया है।"उन्होंने राजनांदगांव सहित कई जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि गलत फार्म 7 भरकर दिए गए और तहसीलदार से नोटिस भी जारी हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने फर्जी हस्ताक्षर कर फार्म 7 जमा किए और षडयंत्रपूर्वक नाम कटवाए। उन्होंने बताया कि कई जगह एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

श्री बैज ने चुनाव आयोग से मांग की कि काटे गए मतदाताओं की जाति-वार सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन वर्गों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह भी बताए कि 25 लाख मतदाताओं के नाम काटे क्यों गए हैं और उन्हें जवाब प्रस्तुत करने का अवसर देकर सूची में पुन: शामिल किया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगे भी संघर्ष करती रहेगी।

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