रायपुर , मार्च 25 -- भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को रायपुर स्थित राज्य मुख्यालय में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विकास, प्रशिक्षण व्यवस्था और आगामी कार्यक्रमों को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक की शुरुआत स्काउटिंग परंपरा के अनुसार पदाधिकारियों का स्कार्फ पहनाकर स्वागत और प्रार्थना के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में राज्य मुख्य आयुक्त ने कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन को आगे बढ़ाने में सभी पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने "वंदे मातरम" कार्यक्रम में राज्यभर से लगभग पांच हजार प्रतिभागियों की भागीदारी को उल्लेखनीय बताया। साथ ही प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के सफल आयोजन, जिसमें करीब 12 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, को भी उपलब्धि बताया।

बैठक में पूर्व कार्यकारिणी बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, वृक्षों को राखी बांधने की पहल, स्वामी विवेकानंद जयंती पर संभाग स्तरीय आयोजन, सैनिकों को राखी भेजने और कौशल विकास कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया।

आगामी वित्तीय वर्ष के वार्षिक बजट को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और विस्तार पर जोर देते हुए बेसिक कमिश्नर कोर्स शिमला या दार्जिलिंग में आयोजित करने तथा एडल्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन पर सहमति बनी। राज्य प्रशिक्षण केंद्र झांकी (अभनपुर) और झीपन (बलौदाबाजार) के विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई।

इसके अलावा राज्य पुरस्कार शिविर और राज्यपाल अलंकरण समारोह के आयोजन की रूपरेखा तय की गई। राष्ट्रीय स्तर के रोवर-रेंजर समागम को बस्तर या जशपुर में आयोजित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई, ताकि अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में बालोद जंबूरी में सेवा देने वाले रोवर-रेंजर और स्काउटर-गाइडर के सम्मान, सभी जिलों में स्काउट-गाइड कार्यालय स्थापित करने हेतु कलेक्टरों को पत्र जारी करने, कर्मचारियों के वेतन वृद्धि तथा जिला संगठन आयुक्त और जिला प्रशिक्षण आयुक्त की नियुक्ति पर भी सहमति व्यक्त की गई।

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