रायपुर , मार्च 27 -- छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में संयुक्त मसीही समाज के बैनर तले शुक्रवार को नवा रायपुर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने विधेयक के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए राजभवन घेराव की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें निर्धारित स्थल से आगे बढ़ने से रोक दिया।

जानकारी के अनुसार, विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रदर्शनकारी पहले तूता धरना स्थल पर एकत्र हुए, जहां विधेयक के प्रावधानों पर चर्चा की गई। इसके बाद वे शांतिपूर्ण मार्च करते हुए राजभवन की ओर बढ़े, लेकिन भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के चलते उन्हें करीब 500 मीटर पहले ही रोक लिया गया। इस दौरान कुछ समय के लिए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

प्रदर्शन में शामिल मसीही समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि प्रस्तावित विधेयक में ऐसे प्रावधान शामिल हैं, जो धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने 'प्रलोभन' जैसे शब्दों की स्पष्ट परिभाषा तय करने की मांग भी उठाई।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भी रायपुर शहर में इस मुद्दे को लेकर रैली निकाली गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए थे।

प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि विधेयक में संशोधन नहीं किया गया तो वे न्यायालय का रुख कर सकते हैं और राज्यभर में विरोध जारी रखेंगे।

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