रायपुर , दिसंबर 15 -- छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा संस्थानों के परिसरों में आवारा कुत्तों से जुड़ी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अब नई व्यवस्था लागू की गई है। स्कूल शिक्षकों के बाद अब कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर यह जिम्मेदारी संस्थानों को सौंपी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी शासकीय और अशासकीय कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस में आवारा कुत्तों के नियंत्रण, सतत निगरानी और उनसे होने वाली संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी। इसके लिए संस्थान स्तर पर एक प्रोफेसर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो नगर निगम या नगरपालिका के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नोडल अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर और संबंधित हेल्पलाइन की जानकारी परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इसके लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड की फोटो नोडल अधिकारी द्वारा उच्च शिक्षा संचालनालय को वॉट्सऐप के माध्यम से भेजनी होगी। विभाग ने इसके लिए अलग से मोबाइल नंबर भी जारी किया है, ताकि आदेश के पालन की निगरानी की जा सके।

उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। इसके तहत उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए 13 बिंदुओं में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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