रायपुर , मार्च 08 -- ) छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार देर रात पटना में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, विश्वरंजन को हृदय रोग संबंधी समस्या के कारण पिछले महीने पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार चल रहा था। शनिवार रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। वह वर्ष 1973 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी थे। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया था। हालांकि वर्ष 2007 से पहले वे छत्तीसगढ़ में पदस्थ नहीं रहे थे।

वर्ष 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के असामयिक निधन के बाद राज्य सरकार ने श्री विश्वरंजन को छत्तीसगढ़ पुलिस का प्रमुख नियुक्त किया था। वे राज्य के छठवें डीजीपी बने और करीब चार वर्षों तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली।

लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान श्री विश्वरंजन ने खुफिया ब्यूरो (आईबी) में भी सेवाएं दीं। वे लंबे समय तक प्रतिनियुक्ति पर आईबी में पदस्थ रहे और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पद तक पहुंचे।

डीजीपी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन में कई महत्वपूर्ण सुधारों की पहल शुरू की थी, विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया था।

श्री विश्वरंजन के निधन पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके योगदान को याद किया ।

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