दंतेवाड़ा , मार्च 02 -- छत्तीसगढ़ के अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ ने सोमवार को दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद द्वारा संचालित प्रशिक्षण-सह-उत्पादन केंद्र का निरीक्षण किया।
उन्होंने केंद्र में संचालित फैशन डिजाइन, हैंडलूम एवं पावरलूम से संबंधित प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और प्रशिक्षण की संरचना, कौशल विकास प्रक्रिया तथा प्रशिक्षण उपरांत रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान आज उन्होंने उत्पादन इकाई में तैयार किए जा रहे वस्त्र एवं अन्य उत्पादों को देखा और उनकी गुणवत्ता की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि "माई जी वेलफेयर सोसाइटी" का गठन किया जा चुका है, जिसके माध्यम से उत्पादन इकाई को सुदृढ़ एवं स्थायी स्वरूप दिया जाएगा तथा उत्पादों के विपणन के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पिंगुआ ने केंद्र की दीर्घकालीन स्थिरता और भावी कार्ययोजना पर विशेष जोर देते हुए कौशल आधारित गतिविधियों को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने लाइवलीहुड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न ट्रेडों का भी निरीक्षण किया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुनर्वासितों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षुओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि वे प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात स्वयं का उद्यम स्थापित कर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकें। इस दौरान पुनर्वासितों को वेलकम किट भी वितरित की गई।
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