बिलासपुर , अप्रैल 05 -- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आठ अप्रैल से नया रोस्टर प्रभावी किया जाएगा, जिसके तहत न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए तीन खंडपीठ तथा 13 एकल पीठों का गठन किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणी के मामलों की सुनवाई निर्धारित पीठों में नियमित रूप से की जाएगी।
जारी रोस्टर के अनुसार, पहली खंडपीठ में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल शामिल रहेंगे। यह पीठ जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस याचिकाओं, वर्ष 2020 तक लंबित आपराधिक अपीलों, आपराधिक अवमानना प्रकरणों तथा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 सहित अन्य संबंधित मामलों की सुनवाई करेगी।
दूसरी खंडपीठ में न्यायमूर्ति संजय के अग्रवाल और न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पीठ दीवानी मामलों, कंपनी अपीलों, कर संबंधी प्रकरणों एवं वर्ष 2022 तक के अल्ट्रा वायर्स मामलों की सुनवाई करेगी। साथ ही यह वाणिज्यिक अपीलीय बेंच के रूप में भी कार्य करेगी।
तीसरी खंडपीठ में न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल और न्यायमूर्ति एन.के. व्यास शामिल रहेंगे। इस पीठ को ऐसे आपराधिक मामलों की सुनवाई सौंपी गई है जो अन्य डिवीजन पीठों के अधीन नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2016 तक की बरी अपीलों तथा 2022 तक के अल्ट्रा वायर्स प्रकरण भी इसी पीठ के अंतर्गत रखे गए हैं।
इसके अलावा, मुख्य न्यायाधीश की विशेष एकल पीठ सहित कुल 13 एकल पीठों का गठन किया गया है, जिनमें विभिन्न प्रकार के मामलों की नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। उच्च न्यायालय प्रशासन का मानना है कि नए रोस्टर से लंबित प्रकरणों के त्वरित निपटारे में सहायता मिलेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित