बीजापुर, दिसंबर 30 -- छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में इस साल सात बड़े नक्सल रोधी अभियानों में 99 नक्सली मारे गए तथा 16 जवान शहीद हो गए है।
स्थानीय पुलिस ने इन अभियानों में नक्सलवाद को काफी हद तक नियंत्रित किया है। नियंत्रण के इस काम में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ,कोबरा,सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल ने कंधे से कंधे मिलाया।
संयुक्त प्रयासों के कारण जिले में केंद्रीय समिति के सदस्य सुधाकर को मार गिराने में सफलता मिली, दंडकारण्य साउथ जोनल कमेटी के एक सदस्य,12 डीवीसीएम,34 एरिया कमेटी मेंबर के साथ 41 पार्टी नेताओं को जवानों ने विभिन्न मुठभेड़ों में मार गिराया है।
सुरक्षाबलों की आक्रमकता के कारण इस साल 635 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, आत्म समर्पण करने वाले नक्सली ने 263 हथियारों के साथ मुख्यधारा में आए हैं।
जिले के एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल जिले में 16 जवानों की शहादत हुई, तो वहीं पुलिस ने अलग- अलग जगहों से अलग तिथियों में 598 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।
जिले की पुलिस ने सबसे लंबा नक्सल रोधी ऑपरेशन कर्रेगुटा इलाके में किया,21 दिनों तक लगातार चलाए गए इस ऑपरेशन में सुरक्षाबल के जवानों ने 216 बंकर नष्ट किए 450 आईईडी और 818 बीजीएल को बरामद किया। इस ऑपरेशन को "ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट कर्रेगुट्टा" का नाम दिया गया था।
ऑपरेशन कचीलवार, ऑपरेशन अन्नापुर, ऑपरेशन टेकामेटा, ऑपरेशन गंगालूर, ऑपरेशन कांदुलनार और ऑपरेशन कचलारम के नाम से साल 2025 में छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सल रोधी अभियान चलाया। पिछले साल इस जिले में हत्या के दर्ज प्रकरण की संख्या 33 थी जो इस साल घटकर 27 हुई है। जिले में नक्सली हथियार लूटने में नाकामयाब रहे हैं।
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