राजनांदगांव , मार्च 18 -- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर में गुरुवार से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं और पदयात्रियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन के मार्गदर्शन में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद विभाग ने बुधवार को बात की, मेले में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
आपातकालीन सेवाओं के साथ सीपीआर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गर्मी को ध्यान में रखते हुए ओआरएस और जीवन रक्षक घोल की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है।
मेला नोडल अधिकारी डॉ. बी.एल. तुलावी ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 15 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के लिए तीन मोटरसाइकिल एंबुलेंस भी लगातार भ्रमण करेंगी। इसके अलावा 23 चिकित्सा अधिकारी, 36 आयुष चिकित्सक, 15 आरएमए और 250 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है।
मैदानी स्तर पर 114 मितानिनों को शिफ्टवार जिम्मेदारी दी गई है, जो प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करेंगी। साथ ही 5 दवा वितरण केंद्रों के माध्यम से चौबीसों घंटे निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और निगरानी के लिए तीन प्रमुख स्थानों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें डोंगरगढ़ और राजनांदगांव के अस्पताल शामिल हैं। विशेष बात यह है कि इस बार सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देते हुए 45 निजी अस्पताल भी आगे आए हैं, जो 17 अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन व्यवस्थाओं से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सकेगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।
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