रायपुर , जनवरी 03 -- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र और कथित शराब घोटाले के आरोपी चैतन्य बघेल को शनिवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। जमानत पर रिहाई के बाद जेल परिसर में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी मौजूद रहे।

जेल से बाहर निकलते ही चैतन्य बघेल ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके स्वागत और हौसला-अफजाई के लिए राज्यभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे।

जमानत मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे "सत्य की जीत" करार दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिस तरह गिरफ्तारी के समय प्रवर्तन निदेशालय के खिलाफ जनसैलाब उमड़ा था, उसी तरह आज भी प्रदेश के कोने-कोने से साथी पहुंचे हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार पर ईडी, आईटी, सीबीआई और डीआरआई जैसी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मामला उसका जीवंत उदाहरण है। वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी एक्स पर लिखा कि "सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।" उन्होंने कहा कि षड्यंत्रों के बादल छंटे हैं और न्याय का सूरज निकला है। न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि केवल जमानत मिलने पर कांग्रेस नेताओं द्वारा "सत्यमेव जयते" जैसे नारे और पोस्टर लगाना अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चैतन्य बघेल को जमानत पर निर्दोष माना जा रहा है तो फिर पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जमानत न मिलने पर दोषी क्यों माना जाए।

श्री अमित चिमनानी ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने और एक आदिवासी नेता को मोहरा बनाकर बाद में अकेला छोड़ देने का आरोप भी लगाया।

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