अमेठी , दिसम्बर 18 -- उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने कथित रुप से बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा महिला चिकित्सक के हिजाब छूने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि चेहरा छिपाने की चीज नहीं है। इस मामले में महिला चिकित्सक को स्वयं भी अपनी बात रखनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार में महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने गुरुवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर संक्षिप्त दौरे में कहा कि इस मामले में सबसे पहले मुख्यमंत्री को बयान देना चाहिए। इसके साथ-साथ जो पीड़ित महिला है उनको भी स्वयं अपनी बात रखनी चाहिए कि जो भी उनके साथ हुआ है वह उस पर वह क्या कहना चाहती हैं। इस मामले में उनका पक्ष अधिक बेहतर होगा।
उन्होंने कहा " जहां तक मेरे व्यक्तिगत विचार की बात है मुझे ऐसा नहीं लगता है कि कोई भी अपना फेस छुपाना चाहेगा। वह पढ़ी-लिखी महिला है डॉक्टर हैं वह अपनी बात स्वयं रखें इसके अलावा जिनकी जवाब दे ही इस पर बनती है वह स्वयं बोले।"महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य तहसील सभागार में महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायतों की सुनवाई कर रही थी।इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्देश दिया।एक दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंची महिला आयोग की सदस्य का उनके समर्थकों ने फूल मालाओं से स्वागत किया।
गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार का एक वीडियो पिछले दिनो वायरल हुआ था जिसमें आरोप लगाया गया है कि आयुष डाक्टरों के नियुक्त पत्र वितरण के दौरान श्री कुमार ने एक महिला चिकित्सक का हिजाब हटाने का प्रयास किया था।
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