नयी दिल्ली , अप्रैल 07 -- भू-सम्पत्ति बाजार की परामर्श सेवा कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार भूराजनीतिक तनावों के बीच 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में भारत के ऑफिस मार्केट ने लीजिंग में नया तिमाही रिकॉर्ड बनाया और प्रमुख बाजारों में ऑफिस लीजिंग करीब तीन करोड़ वर्ग फुट ( 2.99 करोड़ वर्ग फुट) के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गयी।
यह जनवरी-मार्च 2025 में बने पिछले रिकॉर्ड से छह प्रतिशत अधिक और वर्तमान भूराजनीतिक तनावों के बीच बावजूद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नाइट फ्रैंक इंडिया ने मंगलवार को जारी अपनी नवीनतम रिपोर्ट इंडिया रियल एस्टेट मार्केट- ऑफिस एंड रेसिडेंशियल में बताया कि इस दौरान ऑफिस की जगह के कुल पट्टों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारत में वैश्विक कारोबार के लिए स्थापित किये जाने वाले क्षमता केंद्रों (जीसीसी) की हिस्सेदारी 48 प्रतिशत (1.44 करोड़ वर्ग फुट) रही। कुल पट्टों में प्रथम ग्रेड (ए) परिसंपत्तियों का लीजिंग गतिविधि में 93 प्रतिशत है।
पहली तिमाही में बेंगलुरु 92 लाख वर्ग फुट के साथ सबसे बड़ा ऑफिस लीजिंग बाजार बना रहा, जबकि हैदराबाद (59 लाख वर्ग फुट), मुंबई (56 लाख वर्ग फुट) और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) (40 लाख वर्ग फुट) के मजबूत प्रदर्शन ने लीजिंग को अधिक संतुलित बनाया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जीसीसी ने 1.44 करोड़ वर्ग फुट ऑफिस स्पेस पट्टे पर लेकर सबसे बड़े उपयोगकर्ता समूह के रूप में अपना प्रभुत्व बनाये रखा।
नाइट फ्रैंक इंडिया के अनुसार लीजिंग गतिविधि आठों प्रमुख बाजारों में अधिक समान रूप से वितरित रही, जो ऑफिस मार्केट में संतुलित विस्तार का संकेत देती है। मुंबई और हैदराबाद ने क्रमशः 56 और 59 लाख वर्ग फुट के साथ ऐतिहासिक तिमाही उच्च स्तर दर्ज किया। खास बात यह रही कि इन दोनों शहरों में इस तिमाही की लीजिंग 2025 की कुल लीजिंग गतिविधि के 50 प्रतिशत से अधिक रही, जो मजबूत मांग को दर्शाती है।
इस तिमाही में बड़े सौदों का भी विशेष महत्व रहा, एनसीआर, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद में 10 लाख वर्ग फुट से अधिक के चार बड़े सौदे हुए, जो निवेशकों के भरोसे और बड़े स्पेस की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।
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