, Dec. 10 -- जनता दल (एस) के एस अम्लेश बाबू ने कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कोई गड़बड़ी नहीं है, यह सही से तरीके से काम करती हैं। यह कई बार सिद्ध हो चुका है।

कांग्रेस के उज्जवल रमन सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के लिए ही एसआईआर करायी जा रही है। एसआईआर की वर्तमान प्रक्रिया मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाने के लिए है, इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। लोकतंत्र को चुपचाप नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धन बल के इस्तेमाल से चुनावों की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। इंद्रजीत गुप्ता समिति की सिफारिशें लागू की जायें और चुनावी खर्च सरकार की ओर से वहन किये जाने के प्रावधान किये जाने चाहिए।

श्री सिंह ने मांग की कि मतदाता सूची ऐसी बनायी जानी चाहिए, जो मशीन से पठनीय हो, मतदान के सीसीटीवी फुटेज पहले की तरह सुरक्षित रखे जायें। आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन प्रधानमंत्री सहित सभी के लिए अनिवार्य किया जाये।

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के रामचन्द्रन ने कहा कि आज चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाये जा रहे हैं। एसआईआर के माध्यम से गरीबों, दलितों, वंचितों और अल्पसंख्यकों के वोट काटे जा रहे हैं। एसआईआर जनप्रतिनिधित्व कानून 1950 की भावना के अनुरूप नहीं है। इसे जल्दबाजी में लागू करने की क्या आवश्यकता आन पड़ी है? उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

उन्होंने मांग की कि सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उठाये गये सवालों का जवाब सरकार और चुनाव आयोग को देना चाहिए।

निर्दलीय पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया में 99 प्रतिशत दलित, अति पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के वोट काटे गये।

बंगलादेशी नागरिक और रोहिंग्या के नाम पर एक समुदाय को निरंतर गाली दी गयीं। रोजी-रोटी के लिए बिहार से बाहर गये गरीबों के वोट काटे गये। कहीं पत्नी का वोट काटा गया तो कहीं पति का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। परिवार के कुछ लोगों के वोट एक पंचायत क्षेत्र में तो अन्य परिजनों के वोट किसी दूसरी पंचायत क्षेत्र में डाल दिये गये।

उन्होंने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव लाने और इससे संबंधित समिति में उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को रखना अनिवार्य करने की मांग की।

शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि विभिन्न कारणों से आज चुनावी तंत्र असफल साबित हो रहा है। इस तंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं रह गया है1 आज वोट चोरी के आरोप लगाये जा रहे हैं, लेकिन पंजाब में तो पूरी सरकार चोरी कर ली गयी है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब के सुपर मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास में रहते हुए वह तबादले और पदस्थापना करवा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय के चुनावों में पंजाब में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र तक दाखिल नहीं करने दिये जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति समिति में प्रधानमंत्री के साथ उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश काे शामिल किये जाने की मांग की।

आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एसआईआर के नाम पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू जा रही है। वह इस एसआईआर का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम बरकरार रखने की पूरी जिम्मेदारी और बोझ एसआईआर के दौरान मतदाताओं पर डाल दिया जा रहा है, जबकि यह संविधान और कानून की भावना के विपरीत है।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के एडवोकेट चंद्रशेखर ने कहा कि बिना प्रशिक्षण के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को एसआईआर के काम में लगा दिया गया और फिर उन पर इसे जल्द से जल्द पूरा करने का दबाव बनाया गया। इससे कई बीएलओ ने आत्महत्या कर ली और कई बीएलओ की काम के दबाव के कारण हृदयाघात या अन्य कारणों से मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि इसकी जवाबदेही किसकी है? उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान आत्महत्या करने वाले, बीमारी या अन्य कारणों से दिवंगत होने वाले बीएलओ के परिजनों को समुचित आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

उन्होंने मतपत्र से चुनाव कराने और ईवीएम से चुनाव कराने पर सभी निर्वाचन क्षेत्रों में वीवीपैट से पर्ची निकालने की व्यवस्था किये जाने की भी मांग की।

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