, Dec. 10 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष के नेताओं के वक्तव्यों में इन दिनों बहुत तल्खी देखने को मिल रही है, इसका क्या कारण है, यदि जनता विपक्षी दलों को वोट नहीं दे रही है, तो वह क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों में पराजय होने पर विपक्षी दलों को आत्ममंथन करना चाहिए, लेकिन वे ऐसा करते नहीं हैं। चुनावी हार के बाद वह चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना शुरू कर देते हैं।

श्री प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने सदन में कहा है कि एसआईआर के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में याचिकर्ताओं में वह स्वयं शामिल हैं, ऐसे में वह एसआईआर का मुद्दा सदन में कैसे उठा सकते हैं। सदन में इस विचार जरूर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कल सदन में बार-बार राष्ट्रीय स्व्यंसेवक संघ का नाम लिया, संघ पर अनेक आरोप लगते रहे हैं लेकिन संघ अपना काम करते-करते 100 वर्ष का हो गया। इसलिए कांग्रेस को अब संघ को कोसना बंद कर देना चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस जब रेवड़ियां बांटती है, तो ठीक है और भारतीय जनता पार्टी की सरकारें गरीबों की मदद करे तो अनुचित है। यह दोहरा मानदंड कैसे चलेगा? उन्होंने कहा कि सदन में बार-बार मतपत्र से चुनाव कराने की बातें की जा रही हैं, क्या विपक्षी दल बूथ कैप्चरिंग और मतपत्र लूटने का दौर फिर लाना चाहते हैं। बिहार के पिछले विधानसभा चुनाव इतने शांतिपूर्ण तरीके से कराये गये कि एक भी मतदान केन्द्र पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं पड़ी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में संवैधानिक संस्थाओं का कितना दुरुपयोग किया है, वह सर्वविदित है। बेहतर होगा कि कांग्रेस ऐसी संस्थाओं के दुरुपयोग के आरोप सरकार न ही लगाये तो अच्छा होगा। कांग्रेस सरकार द्वारा चुनाव आयोग के दुरुपयोग की फेहरिस्त लंबी है, कांग्रेस सरकार ने तो न्यायपालिका को भी नहीं बख्शा था। कांग्रेस नेताओं के खिलाफ फैसले देने वाले तत्कालीन न्यायाधीशों की प्रोन्नति तक रोकी गयी थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए कि उसके दल की हालत आज क्या हो गयी है? उन्होंने दावा किया कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा अभी लंबे समय तक सत्तारूढ़ रहेगी।

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