, Dec. 9 -- तेलुगु देशम पार्टी के लावू श्रीकृष्ण देवरायलु ने कहा कि वह दूसरी बार ही लोकसभा के लिए चुनकर आए हैं जबकि सदन में बहुत अनुभवी सदस्य हैं लेकिन उन्होंने अपने चुनाव के दौरान देखा है कि उनके संसदीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में दोनों बार लोगों ने मतदान किया है। सब कुछ ठीक चलता रहा है और चुनाव बहुत बेहतर ढंग से हुए हैं तो उन्हें लगता है कि चुनाव पारदर्शी होते हैं और सबको मौका मिलता है। इसके बावजूद यदि सुधार की जरूरत है तो जरूर किए जाने चाहिए। उनका कहना था कि बीएलओ की संख्या जरूर बढ़नी चाहिए और बीएलओ को लगातार अपना काम करता रहना चाहिए और ये सारे काम बहुत पारदर्शी तरीके से होने चाहिए। चुनाव आयोग के साथ ही ऐसी व्यवस्था हो कि लोगों को किसी शिकायत पर पुलिस के पास जाने की बजाए आयोग से जुड़ी सुरक्षा एजेंसी के पास जाकर गड़बड़ियों की शिकायत करने का मौका मिले।
जनता दल यू के नेता तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार किसी संवैधानिक संस्था के कार्यकलाप में हस्तक्षेप नहीं करती है। एसआईआर का काम चुनाव आयोग का है। आयोग के काम में सरकार उससे कोई लेना देना नहीं है। चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से अपना काम करता है और सरकार उसके काम में किसी तरह से हस्तक्षेप नहीं करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्ति के बाद चुनाव आयुक्तों तथा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को कांग्रेस की सरकारों ने राज्यसभा में जगह दी थी जिससे साफ होता है कि पहले स्वायत्त संस्थाओं में हस्तक्षेप सरकार करती रही है लेकिन आज उनकी सरकार ऐसा नहीं करती है।
उन्होंने ईवीएम पर सवाल उठाने को लेकर भी कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि कांग्रेस हिमाचल, तेलंगाना, कर्नाटक आदि राज्यों में चुनाव जीतती है तो ईवीएम सही होता है लेकिन जैसे ही बिहार में चुनाव हारती है तो ईवीएम गड़बड़ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मंशा चुनाव प्रक्रिया को बदनाम करने की है इसलिए विपक्षी दलों के नेता चुनाव में सुधार करने की बात करने की बजाय चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की बात कर रहे हैं। उनका कहना था कि जब चुनाव आयोग कहता है कि ईवीएम में जो गड़बड़ी है उसमें वह सुधार करेगा और जब विपक्षी दलों की शिकायतों को दूर करने के बारे में उनसे जानकारी मांगता है और इसके लिए मशीन का बाकायदा प्रदर्शन कर सभी विपक्षी दलों के नेताओं को उसमें खुलासा करने के लिए बुलाता है तो कोई नहीं आता। आयोग कहता है कि अपनी बात बताएं और जहां जहां गड़बड़ियां मशीन में नजर आती है उसे ठीक किया जाए लेकिन आश्चर्य की बात है कि इसमें किसी विपक्षी दल का नेता नहीं आता है। विपक्ष से सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि जनता उनकी हकीकत समझती है इसलिए कांग्रेस चुनाव नहीं जीत रही है।
शिव सेना-यूबीटी के अनिल यशवंत देसाई ने कहा कि संविधान में व्यवस्था है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति, क्षेत्र अथवा धर्म के आधार पर वोटर लिस्ट से अलग नहीं किया जा कता है लेकिन महाराष्ट्र के चुनाव से पहले आयोग को बताया गया कि किस तरह की गड़बड़ियां हैं। उनका कहना था कि जब उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि आधार कार्ड बड़ा प्रमाण है तो सरकार इसको क्यों नहीं मानती है। इसके आधार पर मतदाता सूची में नाम चढ़ाने से इन्कार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर सुधार बहुत जरूरी है और इस दिशा में जरूर कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि इलेक्टोरल योजना का सबसे ज्यादा लाभ सताधारी दल को हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष होने की बात कही जाती है लेकिन वोट चोरी हो रही है।
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