मुंबई , जनवरी 16 -- बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के नतीजों की तैयारियों के बीच राजनीतिक हलचल तब और तेज हो गयी, जब चुनाव आयोग ने पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर को नामांकन के दौरान गलत हलफनामा दाखिल करने के आरोपों पर नोटिस जारी किया।

यह कार्रवाई इस महीने की शुरुआत में भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत पर हुई है, जिसमें उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) की नेता पर आपराधिक जांच से जुड़ी जानकारी जानबूझकर छिपाने का आरोप लगाया था। शिकायत में कोविड-19 बॉडी बैग घोटाले और झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से संबंधित मामलों का हवाला दिया गया है।

श्री सोमैया ने आरोप लगाया कि सुश्री पेडनेकर के हलफनामे में प्राथमिकी और लंबित मामलों का खुलासा नहीं किया गया है, जिससे चुनाव कानून के तहत अनिवार्य जानकारी देने के नियम का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी जानकारी छिपाना चुनाव आयोग और मतदाता दोनों के साथ धोखा है।

राजनीतिक तापमान बढ़ाते हुए श्री शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का रुख किया और आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा न करने के आधार पर सुश्री पेडनेकर के नामांकन की वैधता पर सवाल उठाया।

चुनाव आयोग की नोटिस में सुश्री पेडनेकर को तय समय-सीमा के भीतर ईमेल से या चुनाव अधिकारी के कार्यालय में निजी तौर पर स्पष्टीकरण जमा करने का निर्देश दिया है। चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की कि सोमैया की शिकायत और उसके समर्थन में दिये गये हलफनामे की अभी जांच चल रही है।

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