कोलकाता , मार्च 19 -- चुनाव आयोग ने अपने पिछले आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए पश्चिम बंगाल के पांच भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी है। इन अधिकारियों को पिछले आदेश के अनुसार चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु और केरल भेजा जाना था।

यह निर्णय आयोग द्वारा राज्य के 15 आईपीएस अधिकारियों को दोनों दक्षिणी राज्यों में चुनाव संबंधी कर्तव्यों में सहायता के लिए तत्काल तैनात करने के निर्देश देने के कुछ ही घंटों बाद आया है।

आयोग के सूत्रों के अनुसार सर्वश्री आकाश मघारिया, अमनदीप, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, मुरलीधर शर्मा और वकार रज़ा के स्थानांतरण आदेश पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गयी है। हालांकि, पिछली अधिसूचना में नामित शेष 10 अधिकारियों को निर्देशानुसार तमिलनाडु तथा केरल में चुनावी ड्यूटी में शामिल होना होगा।

बुधवार देर रात जारी मूल निर्देश में सभी 15 अधिकारियों को राज्य के बाहर चुनाव संबंधी कार्यों के लिए तत्काल रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था। इस सूची में सर्वश्री आकाश मघारिया, आलोक राजोरिया, अमनदीप, अभिजीत बनर्जी, भास्कर मुखोपाध्याय, सी सुधाकर, धृतिमान सरकार, इंदिरा मुखोपाध्याय, मुरलीधर शर्मा, मुकेश, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रियव्रत रॉय, संदीप कर्रा, राशिद मुनीर खान और वकार रज़ा शामिल थे।

बाद के घटनाक्रम में आयोग ने हालांकि पांच अधिकारियों के लिए स्थानांतरण आदेशों को स्थगित रखने का निर्णय लिया। सूत्रों ने संकेत दिया कि फिलहाल ये अधिकारी राज्य के भीतर अपनी वर्तमान या हाल ही में सौंपी गई भूमिकाओं में बने रहेंगे।

इनमें श्री मुरलीधर शर्मा वर्तमान में बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं, जबकि श्री वकार रज़ा सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त का पद संभाल रहे हैं। अन्य तीन अधिकारियों श्री आकाश मघारिया, श्री अमनदीप और श्री प्रवीण कुमार त्रिपाठी को पिछले पदों से हटाए जाने के बाद राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पुन: नियुक्त किया गया था।

हावड़ा के पूर्व पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यरत आकाश मघारिया को खुफिया ब्यूरो (आईबी) में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नियुक्त किया गया था। बीरभूम के पूर्व पुलिस अधीक्षक अमनदीप को आईबी में विशेष अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया था। बैरकपुर पुलिस आयुक्त के रूप में कार्य करने वाले प्रवीण कुमार त्रिपाठी को बाद में राज्य प्रशासन द्वारा राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) में महानिरीक्षक नियुक्त किया गया था।

पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती को लेकर चुनाव आयोग की हालिया कार्रवाइयों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने चुनावों से पहले राज्य में आयोग की 'सक्रियता' पर सवाल उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने और उनकी पुनर्नियुक्ति पर पहले ही कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया पर चिंता जताई है। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि ऐसे निर्णय राज्य सरकार के साथ कोई परामर्श लिए बिना किये गए।

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