तिरुवनंतपुरम , फरवरी 24 -- चुनाव आयोग के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केरल विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की चुनावी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है।

आयोग की टीम ने तिरुवनंतपुरम में बड़े पैमाने पर बैठकों का आयोजन किया। इसमें स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और हिंसा-मुक्त चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि केरल की शांतिपूर्ण चुनावों के लिए स्थापित प्रतिष्ठा आगामी चुनावों में सख्ती से बनाये रखी जानी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त डॉ पवन कुमार शर्मा और मनीष गर्ग, उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार और महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल शामिल थे। इन्होंने प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया, जो चुनावों के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनमें कानून-व्यवस्था की स्थिति, प्रवर्तन तंत्र और तकनीकी प्रणालियों का मूल्यांकन शामिल था। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि निगरानी प्रणालियों को सुदृढ़ करने और कदाचार रोकने के लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।

समीक्षा बैठकों के दौरान आयोग ने मुख्य चुनाव अधिकारी, राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी, जिला आयुक्तों और जिला पुलिस प्रमुखों से बातचीत की। चर्चा में संस्थागत तैयारी, अंतर-विभागीय समन्वय और जिलों में पर्याप्त कर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती पर ध्यान केंद्रित किया गया।

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तैयार किये गये प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रारूप का विस्तार से परीक्षण किया गया। आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों और पुलिस के किये गये कार्यों की प्रगति का आकलन भी किया। जिसमें मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शामिल है।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्रक्रियाएं बेहतर तरीके के साथ संपन्न हों, ताकि त्रुटिरहित मतदाता सूची और एक विश्वसनीय चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। केरल के व्यवस्थित और शांतिपूर्ण चुनाव आयोजित करने की पुरानी परंपरा को दोहराते हुए आयोग ने जोर दिया कि इस मानक को बिना किसी समझौते के बनाये रखना होगा। राज्य की चुनाव मशीनरी को संभावित चुनौतियों का पता लगाने में सतर्क और सक्रिय रहने की सलाह दी गयी।

केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रतन यू खेलकर ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य भर में सुचारु मतदान की सुविधा के लिए किये जा रहे व्यापक इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने आवश्यक सामग्री, मानव संसाधन तैनाती, मतदान केंद्र प्रबंधन और मतदाता सुविधा पहलों को शामिल करने वाली तैयारियों के उपायों का विस्तार से वर्णन किया। राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी एच वेंकटेश ने चुनावों के लिए नियोजित सुरक्षा ढांचे का उल्लेख किया। इसमें राज्यव्यापी कानून और व्यवस्था की निगरानी, खुफिया समन्वय और किसी भी तरह की विघटनकारी गतिविधियों को रोकने के लिए निवारक उपाय शामिल हैं।

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