कोलकाता , फरवरी 07 -- चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र स्वीकार्य दस्तावेज है, लेकिन तभी जब निर्दिष्ट अधिकारियों ने जारी किया हो।

आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय को भेजे गये पत्र में कहा कि केवल जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल अधिकारी और कोलकाता के मामले में आयुक्त के जारी प्रमाण पत्रों को ही एसआईआर प्रक्रिया के लिए वैध माना जायेगा।

आयोग ने उल्लेख किया है कि स्थायी निवास प्रमाण पत्र विभिन्न अधिकारी जारी कर सकते हैं। इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न सरकारी कार्यालय शामिल हैं।

अब हालांकि इसने स्पष्ट रूप से परिभाषित कर दिया है कि एसआईआर से संबंधित कार्यों के लिए कौन से प्रमाण पत्र स्वीकार किए जायेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसे सभी प्रमाण पत्र 1999 में बनाये गये पश्चिम बंगाल सरकार के नियमों के अनुसार तैयार किये जाने चाहिए।

पत्र ने सीईओ कार्यालय को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और एसआईआर कार्य में लगे सभी अधिकारियों को इसके अनुसार सूचित करने का निर्देश दिया है।

इस स्पष्टीकरण को जारी करने के पीछे का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि आयोग उल्लिखित अधिकारियों के अलावा प्रमाण पत्र अक्सर स्थानीय प्रतिनिधियों या ब्लॉक विकास कार्यालय जारी करते हैं।

यह माना जा रहा है कि यह स्पष्टीकरण एसआईआर अभ्यास के दौरान कौन से प्रमाण पत्र वैध माने जाने चाहिए, इस भ्रम को दूर करने के लिए जारी किया गया है।

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