पुणे , फरवरी 22 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने रविवार को युवाओं से 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ राजनीति में प्रवेश करने और नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए देश के भविष्य की जिम्मेदारी संभालने का आग्रह किया।
'एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी' और 'एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट' द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 15वीं भारतीय छात्र संसद के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए श्री चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक लाख युवाओं को राजनीति में शामिल होने और देश के भाग्य को संवारने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा, "हमें हर क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना चाहिए। हमारा लक्ष्य 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करना है। यह हमारी मातृभूमि और हमारी कर्मभूमि है। युवाओं को वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।"एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मंच पर कुलपति डॉ. आर. एम. चिटनिस भी मौजूद थे।
श्री चुघ ने लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "लोकतंत्र हमारे राष्ट्र की आत्मा है। युवाओं को इसके संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए। भारत तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है। यह सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभर रहा है। एक समय था जब भारत दुनिया से समर्थन मांगता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में वह परिदृश्य बदल गया है। आज दुनिया भर के देश भारत के साथ साझेदारी करना चाहते हैं।"भाजपा महासचिव ने प्रौद्योगिकी और नवाचार के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के भविष्य पर विचार-विमर्श करने के लिए दिल्ली में एक एआई शिखर सम्मेलन में लाखों लोग एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि यह युवा ही हैं जो दुनिया में भारत का स्थान तय करेंगे। इक्कीसवीं सदी भारत की है। भारत में विश्व स्तर पर स्टार्टअप्स की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि यह रुकने का नहीं, बल्कि आगे बढ़ने और चुनौतियों को गले लगाने का समय है।
श्री चुघ ने कहा, "राष्ट्रीय चुनौतियों को समझना और समाधान खोजना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी है। देश में हर बड़ा बदलाव युवाओं की शक्ति से हुआ है।" उन्होंने युवा भारतीयों को एक विकसित और मजबूत भारत के दृष्टिकोण के प्रति खुद को समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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