बीजिंग , फरवरी 27 -- चीन ने शुक्रवार को चीन, अमेरिका और रूस को शामिल करते हुए प्रस्तावित त्रिपक्षीय परमाणु हथियार नियंत्रण वार्ता में भाग लेने की अमेरिका की अपील को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि इस समय ऐसा कदम न तो उचित होगा और न ही व्यावहारिक।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयानों के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन की परमाणु क्षमताओं की तुलना दो सबसे बड़े परमाणु शक्तियों से नहीं की जा सकती।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "चीन की परमाणु क्षमता अमेरिका और रूस की स्तर की नहीं है। इस समय चीन से परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता में शामिल होने के लिए कहना न तो उचित है, न तर्कसंगत और न ही यथार्थवादी।"उन्होंने कहा कि चीन ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति लगातार स्पष्ट की है। अमेरिका एक विशाल परमाणु शस्त्रागार रखने वाले देश के रूप में परमाणु निरस्त्रीकरण में सार्थक प्रगति करने की विशेष और प्राथमिक जिम्मेदारी रखता है। सुश्री माओ के अनुसार, निरस्त्रीकरण को आगे बढ़ाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की व्यापक सहमति को दर्शाता है।

गौरतलब है कि चीन की ओर से यह बयान उस समय आया जब अमेरिका ने एक नए परमाणु नियंत्रण समझौते पर बातचीत का संकेत दिया, जिसमें चीन भी शामिल होगा। न्यू स्टार्ट के समाप्त होने के बाद पहली बार अमेरिका ने इस तरह का संकेत दिया है। न्यू स्टार्ट अमेरिका और रूस के बीच आखिरी शेष प्रमुख हथियार नियंत्रण संधि थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित