तिरुवनंतपुरम , जनवरी 31 -- केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने राज्य के चीन के डायस्पोरा मॉडल से सीख लेने की बात करते हुए इस बात को रेखांकित किया कि प्रवासियों की सार्थक भागीदारी चीन की तेजी से आर्थिक और तकनीकी विकास के पीछे एक प्रमुख कारक बनकर उभरा है। उन्होंने ऐसे प्रस्तावों को केरल की पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना में शामिल करने की बात कही।

श्री विजयन ने चीन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित 'चुनहुई' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इसने विदेशों में रहने वाले चीनी पेशेवरों, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकीविदों को अस्थायी या स्थायी रूप से लौटने और ज्ञान के क्षेत्रों में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'लोक केरल सभा' के माध्यम से भी इसी तरह के विचार सामने आए हैं और उन्हें केरल की विकास रणनीति में एकीकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे प्रस्तावों को 2027-28 में शुरू होने वाली राज्य की पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना में शामिल करने की बात कही।

श्री विजयन ने 'लोक केरल सभा' के प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में चीन की तरह सबसे बड़ी प्रवासी आबादी है, जो डायस्पोरा जुड़ाव को भविष्य के विकास का एक महत्वपूर्ण घटक बनाता है। उन्होंने केरल की एक 'ग्लोबल केरल' के रूप में फिर से कल्पना किए जाने की जरूरत बताई, जहां राज्य के अंदर और बाहर रहने वाले लोग एक नए केरल के निर्माण में समान भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक केरल सभा मलयाली डायस्पोरा को जोड़ने के लिए एक विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त और प्रभावी लोकतांत्रिक मंच के रूप में विकसित हुई है। यहां तक कि केंद्र सरकार ने भी इसे अनुकरण करने योग्य मॉडल के रूप में स्वीकार किया है।

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