नयी दिल्ली , दिसंबर 02 -- चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी को भारत रत्न देने की मंगलवार को राज्य सभा में मांग की गयी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महेन्द्र भट्ट ने विशेष उल्लेख के जरिए यह मांग की ।
श्री भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में 51 वर्ष पूर्व शुरू हुए चिपको आंदोलन की सूत्रधार गौरा देवी को भारत रत्न दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लकड़ी के ठेकेदार जब उत्तराखंड में पेड़ काटने की शुरुआत करने वाले थे, तो महान विभूति गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने पेड़ों को आलिंगन में भर लिया और कहा कि पहले उन्हें काटा जाये, तब पेड़ काटे जायेंगे। उन्होंने कहा कि गौरा देवी के प्रयासों से ठेकेदारों को पेड़ काटने का काम रोकना पड़ा और यह आंदोलन दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया।
श्री भट्ट ने कहा कि इस आंदोलन की गूंज राजस्थान, कर्नाटक और बिहार तक पहुंची। देश भर में इस आंदोलन के अच्छे परिणाम देखने को मिले। जंगलों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने के बारे में गंभीरता से सोचा गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के क्षेत्र में गौरा देवी के उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
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