चित्तौड़गढ़ , मार्च 13 -- राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिले में हालिया नारकोटिक्स विभाग की कार्रवाईयों से भड़के किसानों ने शुक्रवार से यहां कलेक्ट्रेट पर अनिश्चियकालीन धरना प्रारम्भ कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में नारकोटिक्स विभाग के अलग अलग दलों ने अफीम उत्पादक गांवों में अपने ही मुखिया के घरों पर छापे मारकर बिना इंद्राज की हुई भारी मात्रा में रखी अफीम पकड़ी। मुखिया ने तस्करी के इस खेल में खुद बचने के लिए नया तरीका अपनाया जिसके तहत उसने अपने घर के कमरों को गांव के अन्य पट्टाधारी किसानों को किराये पर देकर बिना रजिस्टर में इंद्राज करके अफीम रखवा ली और खुद के पट्टे की अफीम की प्रविष्टि दर्ज कर ली।
सूत्रों ने बताया कि जिस पर नारकोटिक्स विभाग ने छापे मारकर उक्त अफीम जब्त करके किराये पर कमरे लेकर अफीम रखने वाले किसानों को गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन पूर्व इसी तरह की छापेमारी देवरिया गांव में की गयी जिसमें एक महिला पट्टेधारी को उसके अबोध बच्चे के साथ गिरफ्तार किया गया। इससे भड़के किसानों ने आज से नारकोटिक्स विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
धरने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिशोदिया एवं अन्य नेता के साथ कपासन क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता भी पहुंच गये। भाजपा युवा मोर्चा कपासन ग्रामीण अध्यक्ष शिव जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया आदि ने कहा कि नारकोटिक्स विभाग मनमानी करते हुए किसानों को पट्टा कटने की धमकी देकर अवैध वसूली कर रहा है। किसानों ने कलेक्ट्रेट चौराहे को अवरुद्ध करने की कोशिश की जिसे पुलिस ने विफल कर दिया।
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