हरिद्वार , अप्रैल 28 -- उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को जिला में संचालित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और दुकानों पर निरंतर छापेमारी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खाद्य पदार्थों में मिलावट और ओवररेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने ज्वालापुर क्षेत्र स्थित सराय रोड की फल एवं सब्जी मंडी में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। सहायक आयुक्त एवं जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखण्ड के निर्देशों के क्रम में की गई।

उपायुक्त खाद्य सुरक्षा (गढ़वाल मंडल) आर.एस. रावत के नेतृत्व में गठित टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेन्द्र पाण्डेय, कैलाश चन्द्र टम्टा, कपिल देव तथा मंडी निरीक्षक अजय यादव शामिल रहे। टीम ने मंडी में थोक एवं फुटकर फल विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण कर तरबूज, खरबूज, आम और केले सहित विभिन्न फलों की गुणवत्ता की जांच की।

निरीक्षण के दौरान एथलीन गैस और एथलीन पाउच के उपयोग से पकाए जा रहे फलों के कुल आठ नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए, जिन्हें विस्तृत परीक्षण हेतु राजकीय खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में फलों को पकाने में कैल्शियम कार्बाइड या कृत्रिम रंगों के उपयोग के कोई प्रमाण नहीं मिले।

इसके अतिरिक्त, फल पकाने वाले राइपेनिंग गैस चेम्बरों का भी गहन निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान एथलीन गैस एवं पाउच बनाने वाली कंपनियों द्वारा लेबलिंग मानकों के उल्लंघन के मामले सामने आए, जिस पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आमजन एवं श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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