चम्पावत , मार्च 24 -- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर चम्पावत जिले को पलायन पर रोकथाम के लिए 124.80 लाख रुपये की विकासपरक योजनाओं की स्वीकृति मिली है।
यह राशि मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) के तहत विभिन्न स्वरोजगार और कृषि आधारित योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल स्वीकृत धनराशि में 74.50 लाख रुपये मुख्य मद से तथा 50.30 लाख रुपये कन्वर्जेंस मद के अंतर्गत व्यय किए जाएंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, कृषि को सशक्त बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
योजनाओं के तहत जिला के कोटा जमराड़ी, बाजा, तलियाबांज, पाटली, नकैना, लधौनडुखड़ा, नौलापानी, बड़ोली और रीठा समेत कई गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 500 मौनपालन (मधुमक्खी पालन) बक्सों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिससे युवाओं, महिलाओं और किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा।
इसके अलावा किसानों की फसलों को बंदर और जंगली सुअरों से बचाने के लिए विभिन्न ग्रामों में चेन लिंक फेंसिंग का निर्माण कराया जाएगा। इस कार्य के लिए अलग-अलग गांवों में कुल 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड चम्पावत और पाटी के विभिन्न गांवों में 10 नए मत्स्य तालाब बनाए जाएंगे, जिसके लिए 12.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि इन योजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पलायन की समस्या पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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