हैदराबाद , अप्रैल 15 -- तेलंगाना सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर 'दुर्भावनापूर्ण प्रचार' करने का आरोप लगाया।

एक वीडियो बयान में सांसद ने कहा कि संसदीय क्षेत्रों के विस्तार और महिला आरक्षण के कार्यान्वयन पर वर्तमान में देशव्यापी बहस चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया गया था, तो इसे सभी राजनीतिक दलों का सर्वसम्मत समर्थन मिला था।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणियों का हवाला देते हुए श्री रेड्डी ने कहा कि श्री खरगे ने परिसीमन और महिला आरक्षण पर संसद का विशेष सत्र आयोजित करने से पहले सभी हितधारकों के विचार जानने के लिए पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव पूरे होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने का सुझाव दिया था।

श्री रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि परिसीमन और महिला आरक्षण के कार्यान्वयन पर चर्चा में सभी राजनीतिक दलों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्र ने पहले संकेत दिया था कि आरक्षण नीति लागू करते समय 2026 की जनगणना पर विचार किया जाएगा।

सांसद ने कहा कि सभी 543 संसदीय क्षेत्रों में महिला आरक्षण का विस्तार करने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि आनुपातिक परिसीमन से दक्षिणी और छोटे राज्यों के साथ 'गंभीर अन्याय' होगा। उन्होंने बताया कि दक्षिणी राज्य पहले से ही फंड आवंटन में वित्तीय नुकसान का सामना कर रहे हैं।

केंद्र की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए श्री रेड्डी ने पूछा कि आम सहमति बनाने के लिए कुछ और दिन इंतजार करने में क्या हर्ज है। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के संतुलित फॉर्मूले का उल्लेख किया, जिसमें 50 प्रतिशत आवंटन जनसंख्या के आधार पर और 50 प्रतिशत आर्थिक विकास के आधार पर करने का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पाँच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजे गए हैं।

सांसद ने संसदीय सीटों को बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव की खबरों पर भी चिंता व्यक्त की और इसे 'भ्रामक' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र संसद में अपनी संख्याबल के दम पर अपना एजेंडा थोपने की कोशिश कर रहा है।

श्री रेड्डी ने प्रश्न करते हुए कहा कि क्या 2026 की जनगणना परिसीमन का आधार होगी और दोहराया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण की विरोधी नहीं है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित