हैदराबाद , फरवरी 01 -- भोंगिर सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने पिछले बीआरएस शासन के दौरान नागरिक अधिकारों के व्यापक उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दावा किया कि विपक्षी नेताओं, अधिकारियों और यहां तक कि केसीआर के परिवार के सदस्यों के फोन टैप किए गए थे।

उन्होंने रविवार को फोन टैपिंग जांच के मद्देनजर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) पर तीखा हमला करते हुए पार्टी के "तेलंगाना आत्मसम्मान" के दावों पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो बयान में पूछा कि क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) की जानकारी के बिना इजरायल से अत्याधुनिक फोन टैपिंग उपकरण मंगवाए जा सकते थे?उन्होंने बीआरएस नेताओं से यह स्पष्टीकरण भी मांगा कि विशेष खुफिया शाखा में सीसीटीवी कैमरे कथित तौर पर क्यों बंद कर दिए गए, उपकरण और फाइलें क्यों नष्ट कर दी गईं और ये मूसी नदी और विकाराबाद के जंगलों में क्यों फेंक दिये गये।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना फोन टैपिंग नहीं हो सकती थी और उन्होंने उन परिस्थितियों पर सवाल उठाया जिनके तहत पूर्व खुफिया प्रमुख प्रभाकर राव सरकार परिवर्तन के बाद देश छोड़कर चले गये।श्री रेड्डी ने बीआरएस पर नौकरियों, नियुक्तियों, पानी और धन जैसे मुद्दों पर तेलंगाना के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया और कई घटनाओं का जिक्र किया, जो उनके अनुसार केसीआर के कार्यकाल के दौरान तानाशाही शासन को दर्शाती हैं।

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