मुरैना , अप्रैल 30 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन को लेकर प्रशासन और रेत माफिया के बीच ड्रोन निगरानी की समानांतर जंग सामने आई है। प्रशासन जहां ड्रोन कैमरों के जरिए अवैध गतिविधियों पर नजर रख रहा है, वहीं रेत माफिया भी ड्रोन उड़ाकर पुलिस और वन विभाग की गतिविधियों की जानकारी जुटा रहा है।

वही पिछले दो दिनों में ड्रोन कैमरों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन ने करीब 16 हजार से अधिक ट्राली अवैध रेत को जेसीबी मशीनों से मिट्टी में मिलाकर नष्ट किया है, जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है।

सूत्रों के अनुसार उच्चतम न्यायालय की सख्ती के बाद जिला प्रशासन भारी पुलिस बल और तकनीकी साधनों की मदद से अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद यह गतिविधियां पूरी तरह थम नहीं पा रही हैं।

बताया जाता है कि जिले में इस अवैध कारोबार से करीब दो हजार परिवार जुड़े हुए हैं, जिसके कारण इसे राजनीतिक संरक्षण भी मिलता है। स्थानीय स्तर पर इसे वोट बैंक से जोड़कर देखा जाता है, जिससे सख्त कार्रवाई में बाधाएं आती हैं।

अवैध रेत परिवहन के दौरान कार्रवाई होने पर माफिया के लोगों द्वारा पुलिस, वन और राजस्व अमले पर हमले की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है, लेकिन अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाना अब भी चुनौती बना हुआ है।

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