मोतिहारी , मई 05 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिला में गैर इरादतन हत्या के एक मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति के विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्रा की अदालत ने नामजद अभियुक्त बंगाली सहनी को दोषी पाते हुए सात वर्षों के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को अतिरिक्त छह माह की सजा काटनी होगी।
यह मामला पिपरा थाना कांड संख्या 159/2019 से जुड़ा है, जिसकी प्राथमिकी पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के शेखपुरवा रोड निवासी नीरज करोड़ी ने दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार, नीरज करोड़ी अपने परिवार के साथ आमवा गांव के एक बगीचे में तंबू लगाकर मधुमक्खी पालन का कार्य करते थे। 31 मई 2019 की रात करीब 10 बजे एक लकड़ी मिल में चौकीदार का कम करने वाले अभियुक्त बंगाली सहनी के साथ पेड़ की छाल फैलाने के मामले में उसका विवाद मारपीट की शक्ल में बदल गया।
अभियुक्त सहनी ने इस मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने आई नीरज की पत्नी ललिता देवी के सिर और नाक पर पर लकड़ी की लाठी (लुकाठी) से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। परिजनों ने उन्हें तत्काल सीएचसी चकिया पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में विशेष लोक अभियोजक रवि प्रकाश और सहायक अधिवक्ता अभिषेक प्रकाश ने सात गवाहों की गवाही न्यायालय में प्रस्तुत की।
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