विनय कुमार सेघोसी (जहानाबाद), नवंबर 05 -- बिहार विधानसभा की 243 सीटों में सेघोसी विधानसभा की सीट राज्य की राजनीति में हमेशा से सुर्खियों में रहा है और इस बार भी इस क्षेत्र में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है।
वर्ष 1977 से 2010 तक यहां की राजनीति एक ही परिवार यानि जगदीश शर्मा के इर्द गिर्द घूमती रही है। जगदीश शर्मा ने 1977 से 2009 तक लगातार 8 बार विधायक बनकर यहां एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है। जहानाबाद जिले का यह इलाका मगध क्षेत्र को कवर करता है। 1951 में हुए पहले चुनाव में निर्दलीय राम चन्द्र यादव यहा के विधायक बने थे। यहां के मतदाता समान्य तौर पर राजनीतिक दलों की वजाय उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते रहे हैं। इसका उदाहरण जगदीश शर्मा हैं, जो 1977 से 2005 तक लगातार आठबार विधानसभा चुनाव जीते हैं। जगदीश शर्मा जब 2009 में जहानाबाद से लोकसभा चुनाव जीते तब भी उनके परिवार का इस सीट पर कब्जा बरकरार रहा। 2009 में निर्दलीय विधायक के रुप में उनकी पत्नी शांति शर्मा ने उपचुनाव जीता और 2010 के चुनाव में उनके बेटे राहुल शर्मा ने 2010 में जदयू के टिकट से इस पुश्तैनी सीट पर कब्जा बरकरार रखा। इसके बाद पिछले दो चुनावों से यह सीट शर्मा परिवार के खाते से दूर है। घोसी इलाके में मगधी बोली जाती है और कृषि यहां आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। 2020 यानि पिछले विधानसभा चुनाव में सीपीआई एमएल के रामबली सिंह यादव इस सीट पर 17 हजार से अधिक मतों से विजयी हुए थे और इस बार फिर से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि जदयू ने इस बार जगदीश शर्मा के बेटे राहुल शर्मा को टिकट न देकर पूर्व सासंद अरुण कुमार के बेटे ऋतुराज कुमार पर विश्वास जताया है।
ऋतुराज कुमार झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय के दामाद भी हैं। घोसी पूरी तरीके से ग्रामीण इलाका है। यहां अगर जातीय समीकरण पर नजर डालें तो यह काफी उलक्षा नजर आता है। उम्मीदवारों के जीत हार में यादव, भूमिहार, रविदास और पासवान समुदाय के वोटर अहम भूमिका निभाते हैं। खास बात यह है कि अनुसूचित जातियों के वोटरो की संख्या करीब 20 प्रतिशत है जो किसी भी चुनाव का परिणाम पलटने की क्षमता रखते हैं लेकिन इस विधासभा सीट पर अब तक का जो इतिहास है वो कहीं न कहीं भूमिहारों के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। भूमिहार जाति से आने वाले ऋतुराज कुमार युवा, पढ़े लिखे और तेजतर्रार माने जाते हैं। इस चुनाव में उनके लिए दो दो पूर्व सांसद जमीन तैयार करने में जुटे हैं। पिछले चुनाव में जो उलटफेर यहां देखने को मिला था उस उलटफेर की उम्मीद लगाए ऋतुराज कुमार जनता के बीच पसीना बहा रहे हैं। लेकिन एक बात तो साफ है कि घोसी में चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है जिसे रोमांचक बनाने में एनडीए और महागठबंधन खेमा जुटा है। बहरहाल इस सीट पर उलट फेर के आसार दिखाई पड़ रहे हैं।
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