रामनगर , फरवरी 27 -- उत्तराखंड में त्योहारी सीजन के मद्देनज़र संभावित घुसपैठ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को रोकने के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है, विशेष रूप से होली पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, शिकार या अनधिकृत प्रवेश की घटना न हो सके।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि हर बड़े पर्व और अवकाश के दौरान रिजर्व क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जाती है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय कुछ असामाजिक तत्व और अपराधी छुट्टियों का फायदा उठाकर जंगल क्षेत्र में घुसने या अवैध शिकार जैसी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं, इसी संभावना को देखते हुए पूरे टाइगर रिजर्व में अलर्ट जारी किया गया है।
निदेशक ने बताया कि फील्ड में तैनात टीमों को संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में लगातार गश्त के निर्देश दिए गए हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से सटी सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमा क्षेत्रों में सघन 'कॉम्बिंग ऑपरेशन' चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इसके अलावा आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। ड्रोन टीम को सक्रिय कर दिया गया है, जो आसमान से निगरानी कर रही है। स्निफर डॉग्स और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार का अनधिकृत प्रवेश न हो और न ही वन्यजीवों को कोई नुकसान पहुंचे।
डॉ. बडोला ने बताया कि सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है, फिलहाल किसी भी स्टाफ को सामान्य छुट्टी नहीं दी जा रही है, केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम वन्यजीवों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन सुरक्षित रह सके।
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