शिमला , दिसंबर 28 -- डब्लूडब्लूई के पूर्व चैंपियन ग्रेट खली को हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चल रहे पुश्तैनी जमीन विवाद में जीत मिली है और उनकी पैतृक जमीन पर दूसरे पक्ष के अवैध तरीके से कब्जे की जांच की मांग स्वीकार ली गयी है और एक जांच दल बनाया गया है।

यह मामला खली के पिता की जमीन से जुड़ा है। इसे स्थानीय राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से गैर-कानूनी तरीके से हस्तांतरित कर दिया गया था। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन तहसीलदार और अधीनस्थ राजस्व कर्मचारियों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर वह जमीन दूसरे पक्ष को सौंप दी थी।

शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने जमीन हस्तांतरण की वैधता का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिये हैं। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक अवकाश प्राप्त नायब तहसीलदार और एक अवकाश प्राप्त कानूनगो के साथ-साथ दूसरे राजस्व मंडल के एक सेवारत कानूनगो और एक पटवारी को मिलाकर विशेष जांच दल बनाया है।

एसडीएम ने कहा कि इसका मकसद स्थानीय प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी भेदभाव के जांच करना है। प्रशासन ने साफ किया कि दोनों पक्षों की ओर से जमीन का रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज जमा करने के बाद ही औपचारिक जांच शुरू होगी। अगर किसी भी पक्ष को दस्तावेज इकट्ठा करने के लिए अतिरिक्त समय चाहिए, तो उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर उचित समय बढ़ाने की छूट दी गयी है, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े।

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