नयी दिल्ली , जनवरी 25 -- अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री और वायु सेना के जांबाज पायलट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया जायेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को ग्रुप कैप्टन शुक्ला को इस पुरस्कार से सम्मानित करने की मंजूरी दी। राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों के कुल 70 रणबांकुरों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किये जाने की मंजूरी दी।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला के साथ गगनयान मिशन के लिए चुने गये वायु सेना के पायलट ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जायेगा।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने पहले भारतीय के रूप में 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाकर इतिहास रचा था। इससे पहले वायु सेना के विंग कमांडर राकेश शर्मा सोवियत संघ के मिशन में अंतरिक्ष गये थे।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला को चार सदस्यों वाले भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए भी चुना गया है। उन्होंने 18 दिन की अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान विभिन्न शोध कार्यो में योगदान दिया था। उन्हें लड़ाकू विमानों सहित विभिन्न विमानों को उडाने का दो हजार घंटे से भी अधिक का अनुभव है।
अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है जो सैनिकों और नागरिकों को असाधारण बहादुरी, साहस या सर्वोच्च बलिदान के लिए दिया जाता है।
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