ब्रसेल्स , जनवरी 19 -- ग्रीनलैंड विवाद को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय देशों ने एकजुट रुख अपनाते हुए डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता के समर्थन का स्पष्ट संदेश दिया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लियेन ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर नाटो महासचिव मार्क रुटे सहित कई प्रमुख यूरोपीय नेताओं से चर्चा की है।

सुश्री वॉन डेर लियेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने श्री मार्क रुटे, श्री इमैनुएल मैक्रों, श्री कीर स्टारमर, श्री फ्रेडरिख मर्ज़ और सुश्री जियोर्जिया मेलोनी से बात की है। हम सभी ग्रीनलैंड और डेनमार्क साम्राज्य की संप्रभुता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ हैं।"उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अपने रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा "हम यूरोपीय एकजुटता को चुनौती देने वाली परिस्थितियों का सामना स्थिरता और दृढ़ संकल्प के साथ करेंगे।"यह बयान ऐसे समय आया है, जब नाटो महासचिव मार्क रुटे ने पुष्टि की कि उन्होंने 18 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर बातचीत की थी।

श्री रुटे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ग्रीनलैंड और आर्कटिक की सुरक्षा स्थिति पर श्री ट्रंप से बात हुई। हम इस पर काम जारी रखेंगे और इस सप्ताह दावोस में उनसे मुलाकात का इंतजार है।"ये चर्चाएं उस पृष्ठभूमि में हुई हैं, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। यह कदम इन देशों द्वारा ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में 'ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस' नामक सैन्य अभ्यास के तहत सैनिक तैनात करने के बाद उठाया गया।

नाटो देशों का कहना है कि यह तैनाती ग्रीनलैंड की स्वायत्तता के समर्थन के लिए की गई थी, खासकर उन रिपोर्टों के बाद, जिनमें दावा किया गया था कि ट्रंप प्रशासन संसाधन-समृद्ध इस आर्कटिक द्वीप को "राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों" से अपने अधीन करना चाहता है।

इसके जवाब में श्री ट्रंप ने कहा कि यह आयात शुल्क एक फरवरी से लागू होगा और एक जून से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह शुल्क तब तक लागू रहेगा, "जब तक ग्रीनलैंड की पूर्ण और सम्पूर्ण खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता।"यूरोपीय नेताओं ने प्रस्तावित आयात शुल्क की कड़ी निंदा की और चेतावनी दी कि इस तरह के कदम अटलांटिक पार संबंधों को कमजोर कर सकते हैं और एक "खतरनाक गिरावट के चक्र" को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेनमार्क के नेतृत्व वाला सैन्य अभ्यास आवश्यक सुरक्षा जरूरतों के जवाब में है और इससे किसी को कोई खतरा नहीं है। इस बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक टीवी चैनल से कहा कि यूरोपीय नेता अंततः "अमेरिकी सुरक्षा छतरी" के तहत बने रहने की जरूरत को समझेंगे।

डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा ग्रीनलैंड, ट्रंप प्रशासन द्वारा बार-बार इसे हासिल करने की इच्छा जताए जाने के बाद तनाव के केंद्र में आ गया है। इस रुख ने यूरोपीय सहयोगियों को चिंतित कर दिया है और नाटो के भीतर भी बेचैनी बढ़ा दी है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों ने दोहराया है कि उनकी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। तनाव बढ़ने के बीच डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ "मौलिक असहमति" है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित