जयपुर , फरवरी 02 -- राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर कृषकों, पशुपालकों एवं ग्रामिणों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनओं का लाभ देने के लिए प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित ग्राम उत्थान शिविरों के प्रथम चरण में 1270 शिविरों में 11.62 लाख से अधिक ग्रामिणों ने योजनाओं का लाभ और जानकारी ली।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रदेश भर के 1270 गिरदावर सर्किलों पर शिविरों का आयोजन कर राज्य सरकार के 13 प्रमुख विभागों की योजनाओं, गतिविधियों एवं कार्यक्रमों से आमजन, कृषक एवं पशुपालकों को जोड़ने की पहल की गई है। शिविरों में विभिन्न योजनओं के आवेदन-पत्र तैयार करवाये जा रहे हैं तथा पहले दिये आवेदनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी जा रही है।

राज्य सरकार की मन्शा अनुसार केन्द्र व राज्य सरकार की योजनओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का द्वितीय चरण एक फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। शिविरों में पशुपालकों को लाभ देने के लिए प्रथम चरण में पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत 72 हजार से अधिक पशुओं का पंजीकरण कर स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जारी किए गए, साथ ही क्लासिकल स्वाइन फीवर के करीब 45 हजार प्रतिरोधक टीके लगाए गए, 4 हजार 200 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया, 20 हजार 400 से अधिक फर्टिलिटी किट का वितरण किया गये हैं एवं 3 लाख 89 हजार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा एवं कृमिनाशक औषधि पिलाई गई।

कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि विपणन विभाग द्वारा 4 लाख 40 हजार ग्रामीण किसानों को एम एस पी तथा 5 लाख 20 हजार से अधिक कृषकों को कृषि योजनाओं की जानकारी दी गई है, 76 हजार से अधिक किसानों को सॉयल हैल्थ कार्ड वितरित किये गये हैं, 2 हजार 200 से अधिक पॉली हाउस से वंचित ग्राम पंचायतों के लिए एक एक आवेदन पत्र तैयार किया गया है, 2 हजार 500 से अधिक किसानों के मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायकता योजनान्तर्गत आवेदनों का निस्तारण किया गया है। जिसके साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में बस स्टैंड पर यात्रियों के विश्राम स्थल नहीं हैं वहां 2 हजार 753 किसान विश्राम स्थल निर्माण प्रस्ताव तैयार किये गये हैं।

शिविरों के प्रथम चरण में सहकारिता विभाग ने 23 हजार 600 से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड के आावेदन प्राप्त किये गये हैं, 12 लाख 50 हजार से अधिक किसानों को सहाकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी गई है, 2 हजार 380 नए कस्टम हायरिंग सेंटरों के आवेदन तैयार किये गये हैं, 457 प्रोविजनल डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटि का पंजीयन, 416 डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटि का पंजीयन एवं 444 सरस बूथों का आवंटन किया गया।

शिविरों में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में 25 हजार 700 से अधिक सर्वे पूर्ण हो गये हैं, 49 हजार 400 से अधिक स्वामित्व कार्डोंं का वितरण किया गया है, 884 अनुपयोगी विद्यालय भवनों में नई स्वीकृत ग्राम पंचायत भवन का कार्यालय प्रारंभ किया गया, 3 हजार 603 वाटर यूजर एसोसिएशनों को सक्रिय किया गया इसके साथ ही यूवा स्वरोगजार 6470 आवेदन तैयार करवाये, 11455 फार्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण, 25178 पीएम सूर्य घर योजनान्तर्गत और 939 भू-खसरों के विभाजन हेतु आवेदन प्राप्त किये गये हैं।

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रदेश भर में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जलसंसाधन, उद्योग, ऊर्जा और राजस्व विभाग की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

शिविरों में 10 लाख 62 हजार कृषकों, पशुपालकों, ग्रामिणों व जन प्रतिनिधियों ने भाग लिया इनमें से 12866 जनप्रतिनिधि हैं। गांव की आधी आबादी के पास पूरी समस्याओं के समाधान हैं, इसी सोच के साथ महिला शक्ति को शिविरों में पूर्ण भागीदारी दी गई। 3 लाख 16 हजार महिलाओं एवं 6 लाख 95 हजार से अधिक पुरूष शिविरों में उपस्थित होकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली, आवेदन पत्र तैयार करवाए।

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