पटना, अप्रैल 08 -- िहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ-साथ अब सड़क सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पक्की सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उन पर आवागमन पूर्णतः सुरक्षित हो।
सर्वोच्च न्यायालय और परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने एक सुधारात्मक पहल की है। इसके तहत पूरे राज्य में निर्मित और निर्माणाधीन सभी ग्रामीण सड़कों तथा पुलों पर सड़क सुरक्षा मानकों को पूर्णतः अनिवार्य कर दिया गया है।
ग्रामीण सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं की आशंकाओं पर अंकुश लगाने और यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा अवयवों का अधिष्ठापन किया जा रहा है। अब बिहार के सुदूर गांवों से गुजरने वाली पक्की सड़कों पर भी शहरों की तर्ज पर क्रैश बैरियर, स्टॉप साइन, जेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर, स्पीड लिमिट साइन और जंक्शन अहेड साइन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा संकेतक अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे हैं। इन ढांचागत उपायों से न केवल बेलगाम गति वाले वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, बल्कि रात के समय या कोहरे के दौरान भी वाहन चालकों को सही दिशा-निर्देश प्राप्त हो रहे हैं।
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