नयी दिल्ली , जनवरी 14 -- ग्रामीण विकास मंत्रालय ने गांव की महिलाओं की आय बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर 12 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान आंरभ किया।

मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसके लिये दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में गैर-कृषि क्षेत्र के ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिये विविधतापूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

इसी संदर्भ में पिछले कुछ वर्षों में, स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम सहित कई गैर-कृषि आजीविका योजनाओं ने प्रशिक्षित सामुदायिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफल उद्यम मॉडल प्रस्तुत किया गया है। ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर उत्प्रेरक के रूप में उद्यम की पहचान, स्टार्टअप सहायता, मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग देते हैं।

मंत्रालय ने पूरे देश में कम से कम तीन करोड़ स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को लखपति दीदियां बनाने का संकल्प लिया है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक होगी।

इन प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, ग्रामीण विकास विभाग अपर सचिव ने 12 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान आंरभ किया। कार्यक्रम में नीति आयोग के विकास एवं जनसंपर्क सलाहकार, राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक- नाबार्ड के अध्यक्ष, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, आईएफएमआर लीड (केआरईए विश्वविद्यालय), भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान- ईडीआईआई और आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के प्रतिनिधि और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के वरिष्ठ निदेशक/सीईओ ने अपनी टीम के साथ भाग लिया।

राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान का मुख्य उद्देश्य 50 हजार सामुदायिक संसाधन प्रतिनिधियों (सीआरपी) को उद्यम प्रोत्साहन प्रशिक्षण देकर और उनका क्षमता वर्धन तथा दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के 50 लाख स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्रदान करना है।

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