पटना, फरवरी 17 -- ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सतत संपर्कता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2018 के अंतर्गत राज्यभर में कार्य तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है।

इस नीति के तहत निर्मित ग्रामीण सड़कों का नियमित अनुरक्षण, समयबद्ध मरम्मत, ऊपरी परत का नवीनीकरण तथा गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण आधारभूत संरचना दीर्घकाल तक सुदृढ़ एवं उपयोगी बनी रहे।इस योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में कुल 16,166 ग्रामीण सड़कों की 40,245 किलोमीटर से अधिक लंबाई को शामिल किया गया है। इनमें से 37 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कों पर सुधार एवं अनुरक्षण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। राज्य स्तर पर अब तक 15,658 सड़कों की 37,792 किलोमीटर से अधिक लंबाई में प्रारंभिक सुधार कार्य तथा 15,527 सड़कों की 37,600 किलोमीटर से अधिक लंबाई में ऊपरी परत के नवीनीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति-2018 से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। सुदृढ़ सड़कों के माध्यम से किसानों को अपनी उपज को बाजार तक समय पर पहुँचाने में सुविधा मिली है, जिससे आय में वृद्धि के अवसर सृजित हुए हैं। विद्यार्थियों को विद्यालयों तथा मरीजों को स्वास्थ्य संस्थानों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित हुई है। आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता बेहतर हुई है तथा वर्षा ऋतु में आवागमन बाधित होने की समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है। बेहतर संपर्कता से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन को बल मिला है।

ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, नियमित तकनीकी निरीक्षण तथा समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है। शेष कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिये सतत निगरानी की जा रही है।

बिहार सरकार राज्य के प्रत्येक गांव तक सुदृढ़, सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में ग्रामीण आधारभूत संरचना को सशक्त बनाकर समावेशी, संतुलित एवं तीव्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।

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