बीजापुर , मार्च 27 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के केरपे गांव में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के ग्रामों केरपे, मरीमड़गु, पेद्दागुण्डापुर, मादेपुर और ओडरी सहित करीब 300-400 ग्रामीणों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के प्रति जागरूक करना तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कुटरू बृज किशोर यादव ने ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पुनर्वास का लाभ ले चुके पूर्व माओवादियों को कानून के दायरे में रहकर जीवन यापन करने की समझाइश दी और जंगलों में सक्रिय माओवादियों से हिंसा छोड़कर अपने परिवारों के पास लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ सकारात्मक बदलाव को स्वीकार करना आवश्यक है।

इस मौके पर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि हिंसा और जंगल का जीवन केवल कष्टदायक होता है, जिससे न व्यक्तिगत विकास संभव है और न ही समाज का भला होता है। उन्होंने अपने पूर्व साथियों से शांतिपूर्ण जीवन अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री, स्कूली बच्चों को शिक्षण सामग्री और युवाओं को खेल सामग्री वितरित की गई। साथ ही, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुटरू की मोबाइल यूनिट द्वारा चिकित्सा शिविर लगाकर ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम में ग्रामीणों में सकारात्मक उत्साह देखा गया और कई लोगों ने क्षेत्र के विकास में सहयोग देने का संकल्प लिया।

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