बैतूल , दिसंबर 4 -- ुलताई थाना पुलिस ने गौवंश तस्करी के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए 8 बैलों को अमानवीय परिस्थितियों से मुक्त कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी एस.के. सिंह के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।

थाना प्रभारी नरेन्द्रसिंह परिहार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर आरोपियों को दबोचा। घटना 3 दिसंबर 2025 की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम चिल्हाटी में चार व्यक्ति 8 बैलों को भूखे-प्यासे, मारते-पीटते हुए एक-दूसरे से बांधकर पैदल मोर्सी (अमरावती, महाराष्ट्र) की ओर ले जा रहे हैं। न तो उनके पास कोई वैध अनुमति थी और न ही पशु खरीद से जुड़े दस्तावेज। सूचना मिलते ही आरक्षक संजीत जाट और आरक्षक सेवाराम गोहिते मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान दीपक बिहारे (32), रविन्द्र बावने (23), राजेश काले (28) और प्रेमलाल उइके (40), सभी निवासी घाटपिपरिया, थाना मुलताई, के रूप में हुई। गौवंश प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6, 9 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत अपराध क्रमांक 1110/2025 दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

कार्रवाई में निरीक्षक नरेन्द्रसिंह परिहार, सउनि विजय जोठे, आरक्षक संजीत जाट और आरक्षक सेवाराम गोहिते की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि गौवंश तस्करी जैसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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