महासमुंद , दिसंबर 26 -- ) छत्तीसगढ़ के महासमुंद नगर में गौरव पथ निर्माण के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
नगर के बरोण्डा चौक से कलेक्टर कॉलोनी तक निर्माणाधीन गौरव पथ पर विद्युत पोल और तार बिछाने का कार्य बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के कराया जा रहा है।
हालात ऐसे हैं कि 40 फीट ऊंचे विद्युत पोल पर चढ़कर काम कर रहे श्रमिकों के पास न तो हेलमेट है, न सेफ्टी बेल्ट, न डिस्चार्ज रॉड और न ही हैंड ग्लव्स।
बताया जा रहा है कि करीब 2.3 किलोमीटर लंबे गौरव पथ के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से लगभग सवा करोड़ रुपये विद्युत पोल शिफ्टिंग पर खर्च किए जा रहे हैं। यह कार्य जांजगीर की एक फर्म को सौंपा गया है, जो 11 केवी और 33 केवी लाइन के लिए 13 मीटर, 11 मीटर और 9 मीटर ऊंचे विद्युत पोल लगा रही है। कुल 60 से 70 पोल लगाए जाने हैं।
नियमों के अनुसार ऐसे कार्यों में श्रमिकों को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, डिस्चार्ज रॉड और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है, लेकिन मौके पर सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी देखने को मिली। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन जिले के वरिष्ठ अधिकारी गुजरते हैं, बावजूद इसके किसी ने श्रमिकों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया।
मामले में जब विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता पी.आर. वर्मा से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराना नियमों के खिलाफ है और यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा।
वहीं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मीडिया द्वारा मामला संज्ञान में लाए जाने पर कहा कि संबंधित विभाग से बात कर श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
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