गौतमबुद्धनगर , मई 05 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में मंगलवार को बढ़ती भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अहम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में हीट वेव से जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई और सभी विभागों को समन्वय के साथ ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त दवाएं, ओआरएस और अन्य आवश्यक तरल पदार्थ का स्टॉक बनाए रखा जाए। 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने और सन स्ट्रोक से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने जानकारी दी कि शासन के निर्देशानुसार जनपद का सिटी हीट एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है, जिसे अब प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस योजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परिवहन विभाग को बस अड्डों पर छाया और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, जबकि पशुपालन विभाग को मवेशियों के लिए पानी, टीकाकरण और छाया की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को वनीकरण बढ़ाने और अग्निशमन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा गया।

शिक्षा विभाग को स्कूलों में पेयजल, पंखे और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। नगर निकाय और पंचायती राज विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ, कूलिंग सेंटर और शीतल जल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, जबकि विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।

निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दोपहर के समय काम बंद रखा जाए और इस समय को विश्राम के लिए निर्धारित किया जाए। कार्यस्थलों पर छाया और ठंडे पानी की व्यवस्था अनिवार्य करने के साथ ही ओआरएस वितरण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। इसके अलावा रेड लाइट चौराहों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए छायादार ग्रीन मैट लगाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन की सुरक्षा पर पावर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पाइपलाइन नेटवर्क की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके आसपास किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या खुदाई पूरी तरह प्रतिबंधित रखी जाए।

जिलाधिकारी ने तीनों प्राधिकरणों के किसी भी एसीईओ के बैठक में शामिल न होने पर नाराजगी व्यक्त की और भविष्य में सभी अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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