गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 13 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिला में हाल के दिनों में उभरे औद्योगिक असामंजस्य को देखते हुए राज्य शासन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और उद्यमियों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित कर औद्योगिक सौहार्द बनाए रखना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

नोएडा में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सोमवार को गठित समिति की जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। वहीं समिति में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा कानपुर से नामित अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया गया है।

समिति को व्यापक प्रतिनिधित्व देते हुए इसमें श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधियों और उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया है, ताकि सभी पक्षों की बात सुनी जा सके और संतुलित समाधान निकाला जा सके।

सूत्रों के अनुसार, यह उच्च स्तरीय समिति गौतमबुद्धनगर पहुंच चुकी है और प्राथमिकता के आधार पर पूरे प्रकरण की समीक्षा कर रही है। समिति संबंधित पक्षों से बातचीत कर जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

गौरतलब है कि जिले में हाल ही में श्रमिकों और उद्योगों के बीच वेतन तथा अन्य मांगों को लेकर असंतोष देखने को मिला था। ऐसे में इस समिति से उम्मीद की जा रही है कि यह विवादों का समाधान निकालकर औद्योगिक गतिविधियों को सामान्य करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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