वाराणसी , जनवरी 30 -- ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को कहा कि योगी सरकार को गोमाता की रक्षा के लिए अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए 40 दिनों का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में गोमाता को 'राज्यमाता' का दर्जा नहीं दिया गया और गोवंश निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो परिणाम गंभीर होंगे। शंकराचार्य ने कहा, "जो सरकार गोवंश की रक्षा नहीं कर सकती, उसे हिंदू कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। विशेष रूप से उस योगी को तो बिल्कुल नहीं, जो गुरु गोरक्षनाथ की पवित्र गद्दी का महंत होने का दावा करता है।"उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा, "हमसे आपने हमारा प्रमाण-पत्र मांग लिया था, हमने सहज भाव से दे दिया, क्योंकि सत्य को प्रमाण से भय नहीं होता। अब समय आपके 'हिंदू' होने का प्रमाण देने का है। सनातनी समाज अब आपसे आपके हिंदू होने का साक्ष्य माँगता है। हिंदू होना केवल भाषणों या भगवा वस्त्र तक सीमित नहीं है,इसकी कसौटी गो-सेवा और धर्म-रक्षा है।"शंकराचार्य ने दो स्पष्ट शर्तें रखीं: गोमाता को 'राज्यमाता' का आधिकारिक दर्जा दिया जाए, जैसा महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में देशी गायों के लिए किया है और नेपाल में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा प्राप्त है। इसके अलावा गोवंश निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का शासनादेश जारी किया जाए।

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