गोपालगंज,02फरवरी(वार्ता)बिहार में गोपालगंज जिले के जज(नवम) राकेश रंजन सिंह की न्यायालय ने आज दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर स्थित दानेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी मनोज साह की हत्या में दोषी पाते हुए भाई- बहन समेत तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई तथा 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।

जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने पर सभी अपराधियों को दो- दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) विजय कुमार वर्मा और बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता रामनाथ साहू ने बहस की।दोनों पक्षों के साक्ष्यों को देखने के बाद न्यायालय ने दानापुर गांव के अमित कुमार, नेहा कुमारी और सुनीता देवी तीनों को हत्या में संलिप्त पाया। न्यायालय के समक्ष भी अभियुक्तों ने अपने जुर्म को कबूल किये थे। पुलिस ने सभी सजायाफ्ता लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।

गौरतलब है कि मांझागढ़ थाना के दानापुर गांव स्थित दानेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी मनोज साह 10 दिसंबर 2023 को अचानक गायब हो गये थे। इस बात की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। इसी बीच16 दिसंबर 2023 को मनोज साह का शव पुलिस ने दानापुर दुग्ध फैक्ट्री के समीप से बरामद किया था।

इस मामले में पुजारी मनोज साह के भाई और दानापुर गांव के निवासी अशोक साह के बयान पर मांझागढ़ थाने में कांड संख्या 453/2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.पुलिस ने अनुसंधान के दौरान घटना में संलिप्तता के आधार पर दानापुर गांव के अमित कुमार, नेहा कुमारी और सुनीता देवी को गिरफ्तार करने के बाद जांच में पाया कि युवक को प्रेम प्रसंग में बुलाकर मार दिया गया था। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र समर्पित किया।इस मामले में प्रस्तुत किए गये साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपितों को उम्रकैद की सजा सुना दी और जेल भेज दिया।

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