नयी दिल्ली , मार्च 20 -- आधुनिक और समकालीन भारतीय कला को दुनिया के सामने लाने के लिए प्रसिद्ध गैलरी कोलकाता यहां "पंच-तत्त्व: मटेरियल मैटर्स" नाम से प्रदर्शनी का आयोजन किया है, जिसे अंकों मित्रा द्वारा चयनित और डिज़ाइन किया गया है।

मेघना अग्रवाल के नेतृत्वाली गैलरी कोलकाता ने इस प्रदर्शनी में ऐसे कलाकारों, वास्तुकारों और डिज़ाइनरों को एक साथ लाने का काम किया है, जिनकी कार्यप्रणाली सामग्री की खोज और शिल्प कौशल से गहराई से जुड़ी हुई है।

इस प्रदर्शनी की अवधारणा प्राचीन दर्शन पंच-तत्त्व से प्रेरित है, जिसमें पाँच ब्रह्मांडीय तत्व: आकाश, वायु, जल, पृथ्वी और अग्नि, जिन्हें ब्रह्मांड को आकार देने वाली मूल शक्तियां मानी जाती है। प्रदर्शनी के केंद्र में पाँच सामग्रियां हैं, जिनमें से प्रत्येक एक मौलिक तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। कंक्रीट जहां अग्नि का प्रतिनिधित्व कर रहा है। वहीं, लकड़ी - पृथ्वी, काँच - जल, वस्त्र - वायु और तांबा / पीतल / कांस्य - आकाश का प्रतिनिधित्व कर रहा है।

प्रदर्शनी में इन सामग्रियों के माध्यम से प्रदर्शनी सृजनकर्ता और सामग्री के बीच गहरे संबंध को प्रतिबिंबित किया गया है। इस प्रदर्शनी में 29 सृजनकर्ताओं की भागीदारी है, जिसमें कलाकारों, वास्तुकारों और डिज़ाइनरों का लगभग समान प्रतिनिधित्व देखने को मिलता है।

प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों में कविता नायर, अरुणकुमार एचजी, शीला चमरिया और श्रीला मुखर्जी शामिल हैं। प्रदर्शनी में सिद्धार्थ दास, जया नंदुर्डीकर और अमृता गुहा जैसे प्रतिष्ठित डिज़ाइनर भी शामिल हुए हैं। साथ ही समकालीन डिज़ाइन जगत प्रमुख ब्रांडों से अर्जुन राठी, मालविका सिंह, बाबर अफ़ज़ल, अमृता नांबियार और बंदना जैन भी इसमें भाग ले रहे हैं।

बहु-विषयक वास्तुकारों में सुषांत वर्मा, नितिन बर्छा, ज्वलंत महादेववाला, कनिष्का जैन और पियूषा पाटवर्धन - अपनी नवाचारी सामग्री-आधारित प्रथाओं के माध्यम से इस प्रदर्शनी में योगदान दे रहे हैं, जो पारंपरिक कार्यक्षेत्रों की सीमाओं को चुनौती देती हैं।

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