कोरबा , दिसंबर 14 -- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की गेवरा कोयला खदान से कोयले की अवैध निकासी और गड़बड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से संचालित एक संगठित कोयला घोटाले का हिस्सा हो सकता है, जिसकी कड़ियां दीपका क्षेत्र से लेकर बिलासपुर के निजी कोल डिपो तक जुड़ी बताई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, गेवरा खदान से अडानी पावर लिमिटेड के जयरामनगर साइडिंग के लिए रवाना हुए तीन ट्रक पिछले तीन दिनों से दीपका थाना परिसर में खड़े हैं। ये वाहन प्रदेश की बड़ी कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी के हैं।
सूत्रों के अनुसार, कोयला जयरामनगर साइडिंग तक पहुंचने के बजाय फर्जी दस्तावेजों के सहारे बिलासपुर जिले के निजी कोल डिपो में खपाया जा रहा था। संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी का खुद का कोल डिपो भी बिलासपुर में होने से पूरे मामले पर संदेह और गहराता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि गेवरा से निकलने के बाद ट्रकों को साइडिंग से पहले ही रोक दिया जाता था। इस दौरान ट्रकों में लगे जीपीएस उपकरण निकालकर मोटरसाइकिल पर लगा दिए जाते थे, ताकि कागजों और सिस्टम में ट्रक की लोकेशन सही दिखाई दे। वास्तव में ट्रक कोयला लेकर बिलासपुर के डिपो पहुंच जाते थे जबकि रिकॉर्ड में डिलीवरी जयरामनगर साइडिंग की दर्शाई जाती थी।
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ट्रक मालिक का दावा है कि वाहन रायपुर के लिए लोड थे और पुलिस उन्हें जबरन दीपका थाना लेकर आई है। उसका कहना है कि सोमवार तक वाहन छोड़ दिए जाएंगे। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिलासपुर के कोल डिपो में ट्रकों का पाया जाना यह दर्शाता है कि मामला साधारण नहीं है। जांच के दायरे में सरकारी कर्मियों से लेकर ट्रांसपोर्टर, कोल लिफ्टर और बड़े कारोबारी भी आ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में अहम खुलासे होने की संभावना है।
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