गुरदासपुर , फरवरी 22 -- पंजाब के सीमावर्ती गुरदासपुर जिले में रविवार को भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास आदियां गांव में एक चेकपॉइंट पर तैनात सहायक उप निरीक्षक और होम गार्ड का जवान मृत पाये गये । इनकी पहचान सहायक उप निरीक्षक गुरनाम सिंह और हाेम गार्ड जवान अशोक कुमार के रूप में हुई है। इनके शवों पर गोलियों के निशान पाये गये हैं। दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गुरदासपुर सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया।
गुरदासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य ने बताया कि ये दोनों पुलिस की एक ही चौकी में तैनात थे और रात में ड्यूटी के दौरान उन्हें गोली मारी गई। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। गोली किसने मारी इसका पता नहीं चल सका है। वहीं बीएसएफ के डीआईजी जेके विरदी भी मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मृत हालत में चौकी के कमरे में मिले थे। फॉरेंसिक टीमें मौकेपर जांच कर रही हैं। पुलिस गैंगस्टर और आतंकवादी पहलू से भी मामले की जांच कर रही है। ये दोनों इंडियन रिजर्व बटालियन के थे।
आदियां गांव के सरपंच कमलजीत सिंह ने बताया " मुझे सुबह करीब आठ बजे स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) बनारसी दास ने कहा कि चौकी पर कोई भी फोन नहीं उठा रहा है, तुम जाकर देखो क्या हुआ है। जब मैं 8:15 बजे नाके की चौकी पर पहुंचा, तो एएसआई कुर्सी पर बैठा मिला। लेकिन जब मैं उसके पास गया तो देखा कि उसके कान से खून निकल रहा था और वह मर चुका था। इसके बाद मैंने होमगार्ड को ढूंढा तो वह चारपाई पर सोया हुआ था, जब उसके पास गया तो उसके सिर में भी गोली लगी हुई थी।" मौके पर गोलियों के कई खोल मिले। इसके बाद उसने एसएचओ को सूचित किया। इसके बाद पांच मिनट बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। गांव में किसी ने भी रात को गोलियों की आवाज नहीं सुनी।
आदियां गांव भारत-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर के पास है और इसे सामरिक रूप से संवदेनशील ज़ोन माना जाता है। बीएसएफ सीमा पार से ड्रोन घुसपैठ और तस्करी की गतिविधियों की बार-बार होने वाली घटनाओं के कारण इस इलाके में मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है। जिस चेकपॉइंट पर यह घटना हुई, वह डिफेंस की दूसरी लाइन का हिस्सा है, जिससे यह घटना सिक्योरिटी एजेंसियों के लिए खास तौर पर चिंताजनक हो गई है। अभी तक, घटनाओं से जुड़ा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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